पैंटून पुल के बाद अब पीलीभीत के इस इलाके के लोगों से छिनी नाव की सुविधा, जानें क्या है मामला !

•पैंटून पुल के बाद अब पीलीभीत के इस इलाके के लोगों से छिनी नाव की सुविधा, जानें क्या है मामला

जिले के पूरनपुर इलाके में शारदा नदी के पार बसी ट्रांस-शारदा आबादी का संपर्क अब जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है. पहले जून के महीने में नदी पर बना पैंटून पुल हटाया गया

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में हिमालय के सुदूर क्षेत्र कालापनी से एक नदी का उद्गम होता है. जिसे पड़ोसी देश नेपाल में काली तो वहीं भारत में शारदा नदी के नाम से जाना जाता है. अगर पीलीभीत जिले की बात की जाए तो यहां की आबादी का एक बड़ा हिस्सा शारदा नदी के पार बसा है. इस आबादी को ट्रांस शारदा आबादी भी कहा जाता है ।

हैरानी की बात यह है कि इस आबादी को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए महज अस्थाई पीपा पुल ही एक मात्र सहारा है. यह पुल भी 15 जून से 15 नवम्बर की समयावधि के लिए बारिश को देखते हुए हटा दिया जाता है. हर साल 15 जून के बाद इलाके की एक लाख से अधिक आबादी जिला मुख्यालय आने के लिए नाव पर निर्भर हो जाती है. गौरतलब है कि स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा व प्रशासनिक काम से लेकर खरीददारी के लिए लोग जान जोखिम में डालकर शारदा नदी को पार करने पर मजबूर होते हैं.
अब नाव का सहारा भी छिनाबरसात में बाढ़ के खतरे को मद्देनजर रखते हुए इस साल भी 15 जून को प्रमुख पीपा पुल को हटा दिया गया था. वहीं कुछ ही दिनों में अन्य धारों पर बने छोटे पीपा पुलों को भी हटा दिया गया. तब से अब तक लोग नाव के सहारे नदी को पार कर रहे थे. लेकिन अब पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शारदा नदी उफान पर आ गई है. ऐसे में अब लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लखीमपुर जिले के पलिया कस्बे होते हुए आना होगा. यह सफर लोगों को 130 किमी अधिक पड़ता है।

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•EDITED BY ; ASHU GYANI 


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