Pilibhit:शाम होते ही विदेशी नागरिकों से गुलजार हो जाता है: पीलीभीत का यह बाजार !
शाम होते ही विदेशी नागरिकों से गुलजार हो जाता है: पीलीभीत का यह बाजार !
शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली काली नदी जिसे भारत में शारदा भी कहा जाता है. पीलीभीत में इस नदी के के पार इंडो-नेपाल बॉर्डर है. सीमा पर सैकड़ों गांव भी बसे हैं. ऐसे में नेपाली नागरिक खरीददारी के लिए भारत के बाजारों का रुख करते हैं.
पीलीभीत !
नेपाल और भारत के रिश्ते पर एक कहावत काफी अधिक प्रचलित है. ऐसा कहा जाता है कि भारत नेपाल के बीच रोटी बेटी का नाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत व नेपाल के नागरिकों के बीच काफी अधिक विवाह होते हैं. वहीं कमाने खाने के लिए दोनों एक दूसरे के देशों पर निर्भर रहते हैं.
पीलीभीत जिले से नेपाल की सीमा सटी हुई है. कई किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों ही ओर दर्जनों गांव स्थित है. दोनों ही ओर के वाशिंदे अपनी दैनिक जरूरतों के लिए एक दूसरे के देशों में जाकर खरीददारी करते हैं. कई बार तो आलम यह होता है कि सीमा के नजदीक की बाजार में भारतीय नागरिकों से अधिक नेपाली नागरिक नजर आते हैं.
दरअसल सीमा पार नेपाल का बाबा थान बाजार सीमा से तकरीबन 5 किमी. दूरी पर स्थित है. ऐसे में सीमावर्ती नेपाली नागरिक राशन का सामान भारत के नौजलहा गांव की बाजार से खरीदते हैं जो कि उन्हें नजदीक पड़ता है
यह उपकरण नेपाल में रहते हैं सस्ते।
वहीं भारत के नागरिक भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कॉस्मेटिक व कपड़ों की खरीददारी के लिए नेपाल की बाबा थान बाजार का रुख करते हैं. लेकिन सीमा पर सख्ती के चलते नागरिकों को केवल परिवार भर की जरूरत का समान खरीदने की अनुमति दी जाती है. दोनों ही ओर के सुरक्षा बल दिन भर आने जाने वाले लोगों की सघन तलाशी भी करते हैं.
Pilibhit And Nepal News.
Edited By : Ashu Patel (Ashu Gyani)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें